भारतीय सांख्यिकीय संस्थान – करियर का उज्ज्वल विकल्प
हमारे देश में पढ़ने-लिखने को बड़ा ही महत्व दिया जाता है, एक छोटा बच्चा जब तीन वर्ष की आयु का होता है तो बस उसी समय उसके कांधे पर बस्ता टांग दिया जाता है और उसी वक्त से शुरू होती है करियर बनाने की भागदौड़ जो थमने का नाम ही नहीं लेती है। करियर की इसी भागदौड़ में कभी-कभार उहापोह की विकट स्थिति उत्पन्न हो जाती है, विद्यार्थी इस दुविधा में फंस जाता है कि आगे क्या करना है और कैसे करना है? ये दुविधा किसी एक व्यक्ति को नहीं होती बल्कि सही मार्गदर्शन के अभाव में हर किसी को जीवन में कभी ना कभी इस परेशानी का सामना पड़ता है और इसके कारण कई बार लोग गलत फैसले भी ले लेते हैं जिसके कारण उन्हें उम्र-भर पछताना पड़ता है। आज के समय अगर हम अपने आसपास नज़र दौड़ा कर देखें तो हमें कई बेरोजगार युवा दिख जायेंगे जिनकी बेरोजगारी का कारण गलत फैसले ही हैं और इसमें उनकी कोई गलती भी नहीं है अगर सही मार्गदर्शन का अभाव हो तो फिर ऐसी चीजें आम हो जाती हैं। आज अपने इस लेख में आपको मैं भारतीय सांख्यिकीय संस्थान में करियर के बारे में बताऊंगा|
कैलाशा फाउंडेशन की स्थापना के पीछे यही सोच कार्य करती है कि युवावर्ग को करियर से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या से दो-चार ना होना पड़े और मेरा यह लेख उसी सोच रूपी पेड़ की सिंचाई करने हेतु है।
परीक्षाओं का मौसम आ गया है और जल्द ही पूरे देश में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी| लाखों विद्यार्थीगण अपने भविष्य को उज्जवल बनाने का सपना लिए इन परीक्षाओं में बैठेंगे, मगर इसके बाद उनके समक्ष भी वही उहापोह की स्थिति आनेवाली है, लेकिन इस बार कैलाशा फाउंडेशन इस स्थिति से निपटने में उनकी मदद करेगा। हम बतायेंगे उन्हें कुछ ऐसे संस्थानों के बारे में जिनकी जानकारी बहुत ही कम लोगों के पास है, मगर उनकी डिग्री पा लेने वाले शख्स की अहमियत किसी आईआईटी पासआउट के समान है| एक ऐसा ही संस्थान है भारतीय सांख्यिकी संस्थान(Indian Statistical Institute) और अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर ये सांख्यिकी क्या बला है तो फिर मैं बतला दूँ की सांख्यिकी एक गणितीय विज्ञान है जिसमें किसी वस्तु/अवयव/तंत्र/समुदाय से सम्बन्धित आकड़ों का संग्रह, विश्लेषण, व्याख्या या स्पष्टीकरण और प्रस्तुति की जाती है। इसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है| जनगणना से लेकर किसी भी जगह की विकास दर तथा किसी भी जगह के लोगों की जरूरतों का समुचित रूप से अध्यन करने के लिए इस विषय के जानकारों की जरुरत पड़ती है और भारतीय सांख्यिकीय संस्थान देश में सांख्यिकी की सबसे बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध करवाता है। इस संस्थान के छात्र देश के विभिन्न सरकारी संस्थाओं में अपनी सेवा देने के साथ ही मूडी जैसी अन्तराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी में भी कार्यरत हैं।

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1959 में प्रस्तावित एक संवैधानिक संशोधन में भारतीय सांख्यिकी संस्थान की पहचान राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में की गयी थी और तब से लेकर आज तक देशहित में जरुरी हर आंकड़े की गणना में ये अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह सफलतापूर्वक किये जा रहा है। भारतीय सांख्यिकीय संस्थान की नींव कोलकाता के मशहूर प्रेसीडेंसी कॉलेज के सांख्यिकी प्रयोगशाला में प्रसंता चन्द्र महलानोबिस द्वारा 1931 में रखी गयी थी। यह भारत के पुराने और गौरवशाली विश्वविद्यालयों में से एक है और अपने स्थापना से लेकर आजतक ये सांख्यिकी के विभिन्न आयामों को परिभाषित करने का कार्य बड़ी ही बखूबी से कर रहा है। वर्तमान समय में इस संस्थान का मुख्यालय बारानगर, कोलकाता में स्थित है तथा इसके चार सेंटर दिल्ली, बंगलोर, चेन्नई और तेजपुर में हैं व इसकी दूसरी शाखा गिरिडीह, झारखण्ड में स्थित है। शाखा और सेंटर्स के आलावा इस संस्थान ने वडोदरा, कोइयम्बटूर, हैदराबाद, मुंबई और पुणे में अपने सांख्यिकी गुणवत्ता नियंत्रक यूनिट भी स्थापित किये हुए हैं। सिर्फ भारत ही नहीं अपितु विदेशों में भी यह संस्थान सांख्यिकी से जुड़े शोध-कार्यों में सक्रिय है और UNESCO के साथ मिलकर कई महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रहा है। ये संस्थान भारत सरकार के सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत आता है और भारतीय सांख्यिकीय संस्थान एक्ट 1959 के तहत कार्य करता है। यह संस्थान सांख्यिकीय में स्नातक और गणित में स्नातक की डिग्री प्रदान करता है और एक बार में बहुत ही कम छात्रों को एडमिशन प्रदान करता है। यह संस्थान शिक्षा-गुणवत्ता के मामले में पूरे विश्व में 386 वें स्थान पर आता है और ये इसकी गुणवत्ता का स्पष्ट प्रमाण है। यही नहीं इस संस्थान से B.Stat (Hons) या B.Math (Hons) के कोर्स में प्रवेश मिलने पर छात्रों को 3000 रूपए वजीफा भी दिया जाता है| प्रवेश के लिए इस संस्थान की एक लिखित परीक्षा होती है जिसे उत्तीर्ण करने के बाद ही संस्थान में प्रवेश दिया जाता है| इन दो पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किसी भी वर्ष के राष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड (INMO) के विजेता को लिखित परीक्षा में बैठने की जरुरत नहीं होती है तथा ऐसे उम्मीदवारों को सीधे साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है|
भारतीय सांख्यिकीय संस्थान में इस वर्ष के प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ इस प्रकार हैं:
- ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की दिनांक – 8 फरवरी 2017
- ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया खत्म होने की दिनांक – 10 मार्च 2017
- प्रवेश परीक्षा की दिनांक – 14 मई 2017
अगर आप किसी अलग तरह के करियर के साथ-साथ एक अच्छी जिंदगी और पैसे की तमन्ना रखते हैं तो फिर आपको एक बार इस संस्थान में एडमिशन लेने के बारे में जरुर विचार करना चाहिये। भारतीय सांख्यिकीय संस्थान में एडमिशन लेने के लिए आप उनकी वेबसाइट पर जाकर एडमिशन की जानकारी ले सकते हैं| 2017 के लिए एडमिशन पोर्टल खुल चुका है और 1 जुलाई फॉर्म भरने की अंतिम तिथि है।
भारत में कई ऐसे करियर विकल्प हैं जिनकी जानकारी बहुत ही कम लोगों के पास है मगर ये छात्रों को एक बेहतर भविष्य देने का माद्दा रखते हैं और सिर्फ भारतीय सांख्यिकीय संस्थान ही नहीं अपितु ऐसी और भी संस्थाएं हैं इस देश में जिनकी जानकारी कैलाशा फाउंडेशन आपको समय-समय पर उपलब्ध करवाता रहेगा। जुड़े रहें, पढ़ते रहें और अपनी भविष्य की चिंता हम पर छोड़ दें, उसे सवांरने की जिम्मेदारी हमारी है और वादा करते हैं हम इसका निर्वहन बखूबी करेंगे।
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